अफ़ग़ानिस्तान
ملی سرود
Milli Surood
राष्ट्रगान
2006
2006
Abdul Bari Jahani
Babrak Wasa
🤝 एकता ✝ ईश्वर / आस्था 🌈 विविधता 🌿 प्रकृति |
मुख्य तथ्य
- 1. अफगानिस्तान ने अपने अशांत राजनीतिक इतिहास को दर्शाते हुए कई बार अपना राष्ट्रगान बदला है
- 2. संवैधानिक आवश्यकता के अनुसार राष्ट्रगान में 'अल्लाहु अकबर' और अफगानिस्तान के जातीय समूहों के नामों का उल्लेख अनिवार्य है
- 3. यह उन गिने-चुने राष्ट्रगानों में से एक है जिनकी विषयवस्तु आंशिक रूप से राष्ट्रीय संविधान द्वारा निर्धारित होती है
गीतकार
دا وطن افغانستان دی
دا عزت د هر افغان دی
کور د سولې کور د تورې
هر بچی یې قهرمان دی
دا وطن د ټولو کور دی
د بلوڅو د ازبکو
د پښتون او هزارهوو
د ترکمنو د تاجکو
ورسره عرب، گوجر دي
پامیریان، نورستانیان
براهوی دي، قزلباش دي
هم ایماق، هم پشهییان
دا خاوره به تل ځلیږي
لکه لمر پر شنه آسمان
پر سینه کې د آسیا به
لکه زړه وي جاویدان
نوم د حق مو دی رهبر
وایو الله اکبر وایو الله اکبر
وایو الله اکبر
अनुवाद अनौपचारिक हैं और केवल अर्थ समझाने के लिए हैं, मूल पाठ का विकल्प नहीं हैं
विश्लेषण
संपादकीय2006 में नए संविधान के तहत अपनाया गया यह राष्ट्रगान तालिबान युग के दौरान प्रयुक्त पिछले गान का स्थान लेता है। इसके बोल सभी प्रमुख जातीय समूहों का उल्लेख करते हैं और ईश्वर के नाम का आह्वान करते हैं, जो देश की इस्लामी पहचान और विविध जनसंख्या को दर्शाता है। अफगानिस्तान ने अपने अशांत राजनीतिक इतिहास को प्रतिबिंबित करते हुए कई बार अपना राष्ट्रगान बदला है। यह उन गिने-चुने राष्ट्रगानों में से एक है जिनकी विषयवस्तु आंशिक रूप से राष्ट्रीय संविधान द्वारा निर्धारित होती है।