पुर्तगाल
A Portuguesa
पुर्तगाली
1890
1911
Henrique Lopes de Mendonca
Alfredo Keil
⚔ युद्ध / लड़ाई 🏺 पूर्वज / विरासत 🏛 पहचान 🚩 ध्वज |
मुख्य तथ्य
- 1. ब्रिटिश अल्टीमेटम के विरुद्ध एक विरोध गीत के रूप में लिखा गया, जिसने पुर्तगाल को अफ्रीका के क्षेत्रों से पीछे हटने पर मजबूर किया।
- 2. मूल रूप से एक गणतांत्रिक क्रांतिकारी गीत जो राजतंत्र को उखाड़ फेंकने के बाद राष्ट्रगान बना।
- 3. 'हथियार उठाओ!' वाक्यांश फ्रांसीसी मार्सेयेज़ की प्रतिध्वनि है, जो गणतांत्रिक प्रेरणा को दर्शाता है।
गीतकार
Heróis do mar, nobre povo,
Nação valente, imortal,
Levantai hoje de novo
O esplendor de Portugal!
Entre as brumas da memória,
Ó Pátria, sente-se a voz
Dos teus egrégios avós,
Que há-de guiar-te à vitória!
Às armas, às armas!
Sobre a terra, sobre o mar,
Às armas, às armas!
Pela Pátria lutar!
Contra os canhões, marchar, marchar!
Desfralda a invicta Bandeira,
À luz viva do teu céu!
Que a Europa à terra inteira
Dê o brado que és tu, Portugal!
No berço d'alma esforçada,
Na honra do povo teu,
De toda a terra amada,
Ó Pátria, sente-se a voz!
Às armas, às armas!
Sobre a terra, sobre o mar,
Às armas, às armas!
Pela Pátria lutar!
Contra os canhões, marchar, marchar!
अनुवाद अनौपचारिक हैं और केवल अर्थ समझाने के लिए हैं, मूल पाठ का विकल्प नहीं हैं
विश्लेषण
संपादकीय1890 में हेनरिक लोपेस दे मेंदोंसा द्वारा लिखित, संगीत अल्फ्रेडो कील का, मूल रूप से 1890 के ब्रिटिश अल्टीमेटम के विरुद्ध एक देशभक्ति प्रतिक्रिया के रूप में। 1910 में राजतंत्र के उखाड़ फेंकने और 1911 में पुर्तगाली गणराज्य की स्थापना के बाद यह राष्ट्रगान बना। 'हथियार उठाओ!' वाक्यांश फ्रांसीसी मार्सेयेज़ की प्रतिध्वनि है, जो गणतांत्रिक प्रेरणा को दर्शाता है।