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राष्ट्रगान तुलना

अल्जीरिया बनाम ट्यूनीशिया

2
साझा विषय
✓
समान भावना
25
25 वर्षों का अंतर
✓
एक ही महाद्वीप

अल्जीरिया

قَسَمًا

कस्समान (हम शपथ लेते हैं)

ट्यूनीशिया

حماة الحمى

मातृभूमि के रक्षक

तुलनात्मक विश्लेषण

अल्जीरिया और ट्यूनीशिया, दोनों अफ़्रीका के देश, अपने राष्ट्रगानों में अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। अल्जीरिया का "कस्समान (हम शपथ लेते हैं)" 1955 में लिखा गया था, जबकि ट्यूनीशिया का "मातृभूमि के रक्षक" 1930 का है।

दोनों गानों में युद्ध / लड़ाई और स्वतंत्रता के विषय समान हैं। अल्जीरिया अतिरिक्त रूप से आज़ादी, क्रांति और ध्वज की खोज करता है, जबकि ट्यूनीशिया भी लचीलापन को छूता है।

दोनों गानों का स्वर उग्र है, भौगोलिक दूरी के बावजूद समान भावनात्मक माहौल बनाते हुए।

ट्यूनीशिया ने 1987 में अपना राष्ट्रगान बदला, जो राष्ट्रीय पहचान या राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव को दर्शाता है।

साझा विषय

अल्जीरिया

⚔ युद्ध / लड़ाई 🗽 आज़ादी 🕊 स्वतंत्रता 🔥 क्रांति 🚩 ध्वज

ट्यूनीशिया

⚔ युद्ध / लड़ाई 🕊 स्वतंत्रता 💪 लचीलापन

साझा विषय:

⚔ युद्ध / लड़ाई 🕊 स्वतंत्रता

विवरण

अल्जीरिया ट्यूनीशिया
रचना वर्ष 1955 1930
अपनाया गया 1962 1987
गीतकार Moufdi Zakaria Mustafa Sadik al-Rafii / Aboul-Qacem Echebbi
संगीतकार Mohamed Fawzi Mohammed Abdel Wahab (disputed; also credited to Ahmed Kheireddine)
भाषा ar ar
क्षेत्र North Africa North Africa

गीत साथ-साथ

अल्जीरिया

قَسَمًا

मूल

قَسَمًا بِالنَّازِلَاتِ الْمَاحِقَاتْ وَالدِّمَاءِ الزَّاكِيَاتِ الطَّاهِرَاتْ وَالْبُنُودِ اللَّامِعَاتِ الْخَافِقَاتْ فِي الْجِبَالِ الشَّامِخَاتِ الشَّاهِقَاتْ نَحْنُ ثُرْنَا فَحَيَاةٌ أَوْ مَمَاتْ وَعَقَدْنَا الْعَزْمَ أَنْ تَحْيَا الْجَزَائِرْ فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… نَحْنُ جُنْدٌ فِي سَبِيلِ الْحَقِّ ثُرْنَا وَإِلَى اسْتِقْلَالِنَا بِالْحَرْبِ قُمْنَا لَمْ يَكُنْ يُصْغَى لَنَا لَمَا نَطَقْنَا فَاتَّخَذْنَا رَنَّةَ الْبَارُودِ وَزْنَا وَعَزَفْنَا نَغْمَةَ الرَّشَّاشِ لَحْنَا وَعَقَدْنَا الْعَزْمَ أَنْ تَحْيَا الْجَزَائِرْ فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… يَا فِرَنْسَا قَدْ مَضَى وَقْتُ الْعِتَابْ وَطَوَيْنَاهُ كَمَا يُطْوَى الْكِتَابْ يَا فِرَنْسَا اِنَّ ذَا يَوْمُ الْحِسَابْ فَاسْتَعِدِّي وَخُذِي مِنَّا الْجَوَابْ اِنَّ فِي ثَوْرَتِنَا فَصْلُ الْخِطَابْ وَعَقَدْنَا الْعَزْمَ أَنْ تَحْيَا الْجَزَائِرْ فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… نَحْنُ مِنْ أَبْطَالِنَا نَدْفَعُ جُنْدًا وَعَلَى أَشْلَائِنَا نَصْنَعُ مَجْدًا وَعَلَى أَرْوَاحِنَا نَصْعَدُ خُلْدًا وَعَلَى هَامَاتِنَا نَرْفَعُ بَنْدًا جَبْهَةُ التَّحْرِيرِ أَعْطَيْنَاكِ عَهْدًا وَعَقَدْنَا الْعَزْمَ أَنْ تَحْيَا الْجَزَائِرْ فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… صَرْخَةُ الْأَوْطَانِ مِنْ سَاحِ الْفِدَا اِسْمَعُوهَا وَاسْتَجِيبُوا لِلنِّدَا وَاكْتُبُوهَا بِدِمَاءِ الشُّهَدَا وَاقْرَأُوهَا لِبَنِي الْجِيلِ غَدَا قَدْ مَدَدْنَا لَكَ يَا مَجْدُ يَدَا وَعَقَدْنَا الْعَزْمَ أَنْ تَحْيَا الْجَزَائِرْ فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا… فَاشْهَدُوا…

अनुवाद

हम विनाशकारी विपत्तियों की शपथ लेते हैं, उस पवित्र और निर्मल रक्त की, उन तेजोमय ध्वजाओं की जो लहराती हैं ऊंचे पर्वत-शिखरों पर गर्व से फहराती हुई, हम उठ खड़े हुए हैं, चाहे जिएं या मरें, हमने ठान लिया है कि अल्जीरिया जीवित रहेगा। तो गवाह बनो, गवाह बनो, गवाह बनो! हम न्याय के सिपाही हैं, हमने विद्रोह किया, और अपनी स्वतंत्रता के लिए हमने युद्ध छेड़ा। जब हमने आवाज़ उठाई, किसी ने नहीं सुना, इसलिए हमने बारूद की गर्जना को अपनी ताल बनाया और मशीनगन की तड़तड़ाहट को अपनी धुन। हमने ठान लिया है कि अल्जीरिया जीवित रहेगा। तो गवाह बनो, गवाह बनो, गवाह बनो! हे फ्रांस, उलाहनों का समय बीत गया, हमने उसे एक पुस्तक की भांति बंद कर दिया; हे फ्रांस, यह तो हिसाब का दिन है, तैयार हो जा, हमारा उत्तर लेने के लिए! हमारी क्रांति में ही अंतिम निर्णय है; हमने ठान लिया है कि अल्जीरिया जीवित रहेगा। तो गवाह बनो, गवाह बनो, गवाह बनो! अपने वीरों से हम सेना खड़ी करेंगे, अपने शहीदों पर हम कीर्ति का भवन बनाएंगे, प्राणों की आहुति देकर हम अमरता तक चढ़ेंगे, और अपने मस्तकों पर हम ध्वज ऊंचा उठाएंगे। हमने मुक्ति मोर्चे को वचन दिया है, हमने ठान लिया है कि अल्जीरिया जीवित रहेगा। तो गवाह बनो, गवाह बनो, गवाह बनो! रणभूमियों से मातृभूमि की पुकार उठती है। इसे सुनो, इस आह्वान का उत्तर दो! इसे शहीदों के रक्त से लिखो, और आने वाली पीढ़ियों को सुनाओ। हे कीर्ति, हमने तेरी ओर हाथ बढ़ाया है, हमने ठान लिया है कि अल्जीरिया जीवित रहेगा। तो गवाह बनो, गवाह बनो, गवाह बनो!

ट्यूनीशिया

حماة الحمى

मूल

حماة الحمى يا حماة الحمى هلموا هلموا لمجد الزمن لقد صرخت في عروقنا الدما نموت نموت ويحيا الوطن لتدو السماوات برعدها لترم الصواعق نيرانها إلى عز تونس إلى مجدها رجال البلاد وشبانها فلا عاش في تونس من خانها ولا عاش من ليس من جندها نموت ونحيا على عهدها حياة الكرام وموت العظام حماة الحمى يا حماة الحمى هلموا هلموا لمجد الزمن لقد صرخت في عروقنا الدما نموت نموت ويحيا الوطن ورثنا السواعد بين الأمم صخورا صخورا كهذا البنا سواعد يهتز فوقها العلم نباهي به ويباهي بنا وفيها كفا للعلا والهمم وفيها ضمان لنيل المنى وفيها لأعداء تونس نقم وفيها لمن سالمونا السلام حماة الحمى يا حماة الحمى هلموا هلموا لمجد الزمن لقد صرخت في عروقنا الدما نموت نموت ويحيا الوطن إذا الشعب يوما أراد الحياة فلا بد أن يستجيب القدر ولا بد لليل أن ينجلي ولا بد للقيد أن ينكسر حماة الحمى يا حماة الحمى هلموا هلموا لمجد الزمن لقد صرخت في عروقنا الدما نموت نموت ويحيا الوطن

अनुवाद

[अनुवाद का अंश: केवल आरंभिक मुखड़ा और अंतिम पद। संशोधित मूल पाठ के आधार पर पूरे अनुवाद की समीक्षा बाकी है।] हे मातृभूमि के रक्षकों! हमारे समय के गौरव के लिए एकत्र हो! रक्त हमारी नसों में उबलता है, हम मरते हैं, हम मरते हैं, ताकि मातृभूमि जीवित रहे! यदि लोग एक दिन जीने की इच्छा करें, तो भाग्य को अवश्य प्रतिक्रिया देनी चाहिए, अंधकार को अवश्य छटना चाहिए, और जंजीरों को अवश्य टूटना चाहिए।

रोचक तथ्य

अल्जीरिया

  • 1. सबसे प्रसिद्ध कहानी, जिसे अल्जीरियाई समाचार एजेंसी ने प्रसारित किया, यह है कि ज़करिया के पास कोठरी में न कागज़ था न कलम, इसलिए उन्होंने अपने ही रक्त से दीवार पर पंक्तियाँ लिखीं; एक शोध-लेख इसे किंवदंती कहता है।
  • 2. तीसरा छंद फ्रांस का सीधे नाम लेकर घोषणा करता है कि हिसाब का दिन आ गया है। 1980 के दशक में राष्ट्रपति शाज़ली बेनजदीद के शासनकाल में अधिकारियों ने इसे हटाने की कोशिश की, यह तर्क देते हुए कि 'कस्समान' दुनिया का अकेला राष्ट्रगान है जो किसी दूसरे देश का नाम लेता है, लेकिन एक संसदीय समिति ने संशोधन को अस्वीकार कर दिया।
  • 3. नवंबर 2008 में अल्जीरिया ने अपने संविधान का अनुच्छेद 5 संशोधित कर राष्ट्रगान को 'अपरिवर्तनीय' घोषित किया और उसे अपने सभी छंदों सहित 'कस्समान' के रूप में परिभाषित किया।
  • 4. मई 2023 में राष्ट्रपति अब्देलमजीद तेबून द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश ने राष्ट्रपति की उपस्थिति वाले आधिकारिक स्मरणोत्सवों में पाँचों छंद गाना अनिवार्य कर दिया; 1986 के नियमों में पूरा राष्ट्रगान केवल FLN के सम्मेलनों और राष्ट्रपति के पदग्रहण के लिए आरक्षित था, और राष्ट्रपति की उपस्थिति वाले अन्य आधिकारिक समारोहों तथा राजकीय यात्राओं में अब भी संक्षिप्त संस्करण बजाया जाता है।

ट्यूनीशिया

  • 1. राष्ट्रगान अश-शब्बी की कविता 'जीने की इच्छा' की आरंभिक पंक्तियों से समाप्त होता है: 'यदि लोग एक दिन जीने की इच्छा करें, तो भाग्य को उत्तर देना ही होगा।' 2011 के अरब वसंत के दौरान अरब शहरों में ये पंक्तियाँ नारों में गूँजीं और तख़्तियों व दीवारों पर लिखी गईं।
  • 2. 1958 से 1987 तक ट्यूनीशिया का राष्ट्रगान 'अला ख़ल्लिदी' था। 12 नवंबर 1987 को, बेन अली द्वारा एक रक्तहीन तख़्तापलट में राष्ट्रपति हबीब बूरगीबा को हटाए जाने के पाँच दिन बाद, 'हुमात अल-हिमा' ने उसकी जगह ली।
  • 3. मोहम्मद अब्देल वहाब, जिन्हें आमतौर पर इस संगीत का श्रेय दिया जाता है, ने 1951 में लीबिया का राष्ट्रगान 'लीबिया, लीबिया, लीबिया' भी रचा।
  • 4. 2011 की क्रांति के बाद अपनाए गए दोनों संविधान 'हुमात अल-हिमा' को राष्ट्रगान घोषित करते हैं: 2014 के संविधान का अनुच्छेद 4 और 2022 के संविधान का अनुच्छेद 11।

सुनें

अल्जीरिया

अल्जीरिया - قَسَمًا

ट्यूनीशिया

ट्यूनीशिया - حماة الحمى

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